सीरिया के इदलिब प्रांत में इस देश की सेना के हवाई हमले में तुर्की के 33 सैनिकों के मारे जाने के बाद नैटो के प्रवक्ता ने इस क्षेत्र में लड़ाई के बंद किये जाने का आह्वान किया है।
नैटो के प्रवक्ता अवाना लोंगोस्को ने इस संगठन के महासचिव और तुर्की के विदेशमंत्री के मध्य होने वाली टेलीफ़ोनी वार्ता की ओर संकेत किया और कहा कि नैटो के महासचिव ने बल देकर कहा है कि तनाव को कम किया जाना चाहिये और ऐसा कोई काम नहीं किया जाना चाहिये जिससे इस क्षेत्र की स्थिति और विषम व ख़तरनाक हो जाये।
अमेरिकी प्रतिरक्षामंत्रालय पेंटागन की प्रवक्ता एलिसा फ़रह ने भी इस देश के रक्षामंत्री मार्क स्पेर और उनके तुर्क समकक्ष हलूसी अकार के मध्य होने वाली टेलीफ़ोनी वार्ता की ओर संकेत किया और कहा कि हम ऐसा रास्ता ढूंढ रहे हैं जिसके माध्यम से अमेरिका सीरिया में तुर्की के साथ सहकारिता कर सके।
फ्रांस के राष्ट्रपति एमानोएल मैक्रां ने सीरिया के इदलिब प्रांत में आतंकवादी गुटों के खिलाफ सीरियाई सेना के हवाई हमले को अंतरराष्ट्रीय और मानवाधिकार कानूनों का उल्लंघन बताया है।
दमिश्क ने बल देकर कहा है कि वह इस बात की अनुमति नहीं देगा कि तुर्की इदलिब में आतंकवादी गुटों का समर्थन करे।
राष्ट्रसंघ में सीरिया के राजदूत बश्शार जाफ़री ने गुरूवार को कहा था कि तुर्की सीरिया में आतंकवादियों का समर्थन कर रहा है।
इसी प्रकार उन्होंने कहा था कि आतंकवादियों ने सीरियाई नगरों की आधारभूत संरचनाओं को तबाह कर दिया है और लाखों लोगों को बेघर कर दिया है।
ज्ञात रहे कि गत तीन वर्षों से तुर्की ने सीरिया के कुछ क्षेत्रों पर कब्ज़ा कर रखा है और उसने बारमबार सीरिया का अतिक्रमण किया है और उसे सीरिया में आतंकवादियों का समर्थक समझा जाता है।
रोचक बात यह है कि सीरिया के इदलिब प्रांत में मारे जाने वाले तुर्क सैनिकों के विषय पर बात करने वाले किसी भी देश ने यह नहीं कहा कि तुर्की के सैनिक सीरिया क्या करने गये हैं।